مقدمة  
  اسباب خاصة بأمراض النساء ولكنها خارج الرحم  
  اسباب خاصة بأمراض النساء ولكنها خاصة بالرحم  
  اسباب خاصة بالجهاز البولى  
  اسباب خاصة بالجهاز الهضمى  
  اسباب خاصة بالجهاز العضلىوالعظمى  
  اسباب خاصة بالصحة النفسية  
  اسباب اخرى متنوعة  
  كيفية تناول ومعالجة حالات امراض الحوض المزمنة  
  علاج امراض الحوض المزمنة  
  النموذج  

              أســبـاب  خاصه  بأمراض  النساء  و  لكنها  خاصه  بالرحم

* 1 *  ألأديــنـو مـيـوزيـس :

معلوم  أن  الغدد   الرحميه  المبطنه   لتجويف  الرحم  لا  توجد  فى  أى  جزء  من  جسم  المرأة  ألا  فى  مكان  واحد  فقط  آلا  و هو الطبقه  التى   تبطن  السطح   الداخلى   لجدار  الرحم , و نؤكد  انها  غدد  تـُكـّون الطبقه  التى  تبطن  الجدار  الداخلى  للرحـم  و  لا  تتخلل  عضلات  جدار  الرحم  و لا  تخترقه . و  تتكون  هذة  الطبقه  أساساً  كل  شهر  أستعداداَ  لأستقبال  البويضه  المـُلقحه  لتنغمس  و  تـُزرع  فى  هذة  الطبقه  و تكون  بدايه  تكوين و نمو الجنين . و أذا  لم  يحدث  حمل  تنهار هذة  الطبقه  و  تتحطم  و تنزل  على  هيئه  دم  الدورة  الشهريه .
أما  أذا  تخللت  أو  أخترقت  بعض  من  الغدد  الرحميه الى  داخل  جدار الرحم  نفسـه ( عضلاته ) , فهذا  شيىء  غير  طبيعى ,  و  تسمى  هذة  الحاله  " ألأديــنـومـيـوزيــس " .

إذاًً  مــا  هو  الــ " ألأدينوميوزيس " ؟

 هو  وجود  بعض  من  الغدد  الرحميه  داخل  عضلات  الجدار  الرحمى  , و  توجد  هذة  الغدد  متخلله  الألياف  العضليه  لعضلات  الرحم ,  و  هذا  مكان  غير  طبيعى  لوجود  هذة  الغدد  بها .
و عندما  ينزل  دم  الدورة  الشهريه  من  الغدد  الرحميه  المبطنه  لجدار و  يخرج  للخارج  عن  طريق  المهبل  ,  ففى  نفس  الوقت  ينزل  دم  من  الغدد  الرحميه  المنحشرة  و  المحبوسه  داخل  الألياف  العضليه  لعضله  الرحم  و  لكنه  لا  يجد  طريقا  للخروج  من  عضله  الرحم ,  فيظل  الدم  محبوسا  داخل  عضلات  الرحم  داخل  بؤر  دمويه  تزداد  عددا  و  حجما  شهرا  بعد  شهر . 
فيؤدى  هذا الدم  المحبوس  داخل  جدار  الرحم  الى  آلام  شديدة   بالرحم  أثناء  الدورة الشهريه , و هذا  الألم  يكون  على  هيئه  مغص  شديد  مصاحب  الدورة  الشهريه .
و  يُـسبـب  هذا  المرض  أيضا  , نزيف  رحمى  غير  طبيعى  و ذلك  قد  يكون  نتيجه  تسرب  بعض  نقط  الدم  من  داخل  العضلات  الى  الخارج  فى  غير أوقات  الدورة الشهريه.

أن  نسبه  حدوث  هذا  المرض  فى  المرأة  غير  معروفه  بالضبط ,  و  لكن  فى  بعض  الدراسات  الخاصه    بآلام  الحوض  المزمنه  و  التى  تم  أجراء  أستئصال  للرحم  كعلاج  نهائى  لهذة  ألآلام ,  و بعد  تحليل الأرحام  المُستأصله  فقد  وجد  أن  نسبه  " ألأدينوميوزيس "  تتراوح  ما  بين  15 -  25  % . و  أن  من 
المدهش  أن  نسبه  المرض  فى  السيدات  ألآتى  لا  يشكين  من  آلام  مزمنه  بالحوض  هى  تقريبا  نفس  النسبه , أى  ان  نسبه  " ألأدينوميوزيس " متساويه  فى  كل  من  السيدات  الآتى  يشتكين  من  آلام  مزمنه  بالحوض و السيدات  الآتى  لا يشتكين  من  آلام  مزمنه  بالحوض  .  نخلص  من  هذا  ان  المرض  قد  يُحـدِث  آلامـاً   فى  بعض  السيدات  و لا  يُحِـدث  آلاما عند  بعضهن .

أعراض " ألأدينوميوزيس "   :

أحيانا  يكون  المرض  بسيط  و لا  توجد  أعراض  تشكو  منها  المرأة  نهائيا .
أما  أذا  ظهرت  الأعراض  و  حدثت  شكوى ,  فغالبا  ما  تكون  شكوى  ثلاثيه ,  مميزة  جداً  لهذا  المرض ... أولهم ... آلام  مزمنه  بالحوض  و  تتميز آلام  مرض " ألأدينوميوزيس "  بوجود  مغص  بالرحم  ,  تقلصات  مثل  وغز السكاكين  مُـصاحبه  للـدورة  الشـهـريه  و أحيـانا  تكون  فى  أى  وقت  ما  بين  الدورتين و  ليس  خلال  الدورة  فقط .
ثانيهم ...  غزارة  الطمث ...حيث  غالبا  ما  تكون  الدورة  الشهريه  طويله  فى  المدة  و  زيادة  فى  كميه  الدم  و بعد  فترة  من  الزمن  تزداد  الحاله  سوءا  و  قد  يكون  النزف  ليس  أثناء  الدورة  بل  ما  بين  الدورتين  حيث  يجب  طبيعيا  ألا  يكون  أى  دم  بين  الدورتين .
ثالثهم ...  غالبا  ما  يكون  الرحم  متضخما  ,  و  قد  يكون  تضخما  يشمل  بالتساوى  جميع  عضلات  و جدران  الرحم  ,  فيحتفظ  الرحم  بشكله  الكمثرى  و  لكنه  حجمه  و  أبعادة  أكبر  من  الطبيعى  و  غالبا  ما  يكون  فى  حجم  الرحم  الحامل  فى  6 – 8  أسبوع  حمل  ,  و لا  يوجد  به  تضخمات  بارزة ,  أو  قد  يكون  تضخما  موضعيا  أى  أن  جزءاً من الرحم  تضخم  منبعجا  بارزا  عن  سطح  الرحم  , و  بواسطه  أشعه  الرنين  المغناطيسى  وجد  أن  نسبه  وجود  المرض  بصورة  متساويه فى كل  الرحم  بلا  بروزات  موضعيه  66 %  ,  أما  صورة  التضخم  الموضعى فى  مكان أو  أثنين  من  عضلات  الرحم 34 %  .

أى  بأختصار  فأن  أعراض " ألأدينوميوزيس " ... آلام  مزمنه  بالحوض ...  نزيف  رحمى ...  تضخم  بالرحم .  و  تبدأ  هذة  الأعراض  فى عمر  متأخر  من  عمر  المرأة  وعموما  بعد  سن  الخـمـسـه  و الثلاثون. و من  الصعب  التفريق  بين " الأندوميتريوزيس " ( و جود  الغدد  الرحميه  فى  أماكن  غير  طبيعيه  بالحوض  ما  عدا  عضلات  جدار الرحم  )  و" ألأدينوميوزيس " ( وجود  الغدد الرحميه  فى  مكان  غير  طبيعى  و هو التخلل  داخل  عضلات  الجدار  الرحمى .) و يصعب  التفريق  بين  المَرَضين  ,  أذا  لم   يوجد  غزارة  طمث  ( أى لا  توجد  زيادة  كميه  الدم  المفقودة  أثناء  الدورة  الشهريه )  و كذلك  يصعب  التفريق  بينهما  قبل  سن  35  سنه . و  ذلك  لأن  هذين  العاملين  من  سمات  الأدينوميوزيس ,  فأذا  وجدت  آلام  الحوض  المزمنه  بسبب الأدينوميوزيس  و لم  يكن  من  بين  الأعراض  غزارة  الدورة  الشهريه  و كانت  شكوى  المرأة  فى  عمر  أصغر  من  35  سنه  فيحتار  الطبيب  فى  التشخيص  المبدئى  ما  بين " الأندوميتريوزيس "  و " ألأدينوميوزيس " . و  أيضا  من  أعراض " ألأدينوميوزيس "  أن  يوجد  تـنـقـيـط  دم  قبيل  نزول  الدورة , أى  أن  المرأة  مع  آلام  الحوض  , تشكو من  نزول  دم  بسيط  عبارة  عن  نقط  من  الدم  ( تزيد  أو  تقل ) لمدة  عدة  أيام  قُـبـيـل  ميعاد  نزول  الدورة  الشهريه  التى  تكون  فى  حد  ذاتها  فى  هذة  الحاله  غير  غزيرة  و  هذة الحاله  من  التنقيط  قد  تشابه  حاله التنقيط  التى  تشكو  منها  المرأة  قبيل  وصولها  الى  سن  اليأس, لأنه  قبيل  سن  اليأس  قد  تشتكى  المرأة  من  نزول  نقط  دم  لعدة  أيام  قبيل  نزول  الدورة  و  ذلك  نتيجه  نزيف  رحمى  غير  وظيفى .
بعض  المعلومات  التى  لدينا  تفيد  بأن  نسبه  17  %  من  الحوامل   فوق  سن  الـ  35  سنه , لديهن " أدينوميوزيس "  و  يكتشف  هذا  بالصدفه  أثناء  أجراء  عمليات  الولادة  قيصريه . 
ومن مضاعفات " الأدينوميوزيس "  أثناء  الحمل  على  سبيل  المثال  ,  أنفجار  الرحم  و  حدوث  ثقب  بجدار  الرحم  ,  و  أحتمال  التصاق  المشيمه  بجدار  الرحم  التصاقا  لا  يسمح  لها  بالأنفصال  بسهوله  بعد  ولادة  الجنين  ما  يترتب عن  ذلك  من  نزيف  قد يكون  خطرا  على  حياة  السيدة  و أيضا  يؤدى  المرض  الى  عدم  قدرة  الرحم  على  الأنقباض  الطبيعى  بعد  الولادة  و ما  ينتج  عنه  أيضا  من  نزيف  قد  يكون  خطر  على  حياة  المريضه . و أيضا  من  الأعراض  الغير  منتشرة  الحدوث  و هى  أن  " الأدينوميوزيس "  قد  يسبب  نزيف  فى  فترة  ما  بعد  سن  اليأس  فى  بعض  السيدات .
أن  ســـبب  تكون  مرض  " ألأدينوميوزيس"  غير  معروف  على وجه  اليقين  ,  و  لكن  يـُعـتـقـد أن  عمليات  الولادة  الطبيعيه  و الولادة  القيصريه  والأجهاض و حتى  ربط  الأنابيب  بغرض  منع  الحمل , هذة  كلها  أجراءات  تزيد  من  نسبه  حدوث  المرض .

كيفيه  تشخيص " ألأدينوميوزيس"  :

قد  يتم  أكتشافه  صدفه  بعد  أستئصال  الرحم  أو  أثناء  عمليه  ولادة  قيصريه .  و  أحيانا  يكتشف  بواسطه  الأشعه  السينيه  بالصبغه على  الرحم , فنجد علامه  مهمه  تؤكد  وجود  المرض  و  هى  أختراق  الصبغه  التى  بداخل  تجويف  الرحم  الى  داخل  عضلات  جدار  الرحم  عن  طريق  ممرات رفيعه  دقيقه  جدا .  و  لكن  هذة  الصورة  لا  تظهر  جميع  حالات المرضى ,  ولهذا  لا  يعتمد  على  هذة  الأشعه  بالصبغه  فى  تشخيص  هذا  المرض .
أما  أشعه  الرنين  المغناطيسى  مع  صبغه ,  قد  يؤدى  الى  تحقيق  أعلى  نسبه  تشخيص  من  أى  وسيله  أخرى  , و  تصل  أشعه  الرنين  المغناطيسى  الى 90 %  دقه  فى  التشخيص.
أما  من  الفحوصات  التى  لا  تفيد  و  لا  تساعد  فى  التشخيص  هى   الأشعه  المقطعيه  لا  تفيد  فى  تشخيص  المرض .  و كذلك  أيضا عمليه  توسيع عنق  الرحم  و  أخذ  عينه  من الجدار  المبطن  لتحليلها  ميكروسكوبيا  لا  تفيد  فى  تشخيص  هذا المرض  لسبب  بسيط  و  هو  ان  الجزء  المُـتـخـذ  كعينه  هو  من  الطبقه  التى  على  سطح  الجدار و  ليست  من  داخل  عضلات  جدار  الرحم  حيث  يوجد  المرض . 
أن  نسبه  السيدات  الآتى  لديهن  مرض  " أدينوميوزيس "  أكثر  كثيرا  مما  يشخص  بهن  المرض , أى  أن  كثيرا  من  السيدات  لديهن  المرض  و  لا  يـُشخص  ,  و  أن  حالات  النزيف التى  يسببها  "الأدينوميوزيس "  غالبا  ما  تُشخص  خطأ  كنزيف  رحمى  غير  وظيفى  و  لا  تستجيب  للعلاج  الخطأ  الذى  لا  تشفى  به  و  من  ثم  بعد  فشل  العلاج , يجرى  لها  أستئصال  للرحم ,  كل  هذا  نتيجه  تشخيص  مبدئى  خطأ .

عــلاج  ألأديـنومـيوزيـس  :

غالبا  لا  علاج  للسيدات  ألآتى  ليس  لديهن  شكوى  و  يكون  تضخم  الرحم  بسيطا  أو  متوسطا .  أما  فى  السيدات  ألآتى  لديهن  أى  من  الأعراض  السابق  ذكرها ,  فأولا  نبدأ  بعلاج  عـقـاقـيـرى  ...  ثم  , ثانيا  علاج  جراحى .

أولا : العــلاج  العـقاقــيـرى :   
 
فهو  علاج  مؤقت  و ليس  دائما...  و  قد  يصل  الى  سته  أشهر ... و ذلك  بأستخدام  طريقه  لتثبيط  و  لتعطيل  و لإيقاف  وظيفه  الغدد  المبطنه  لجدار الرحم  الداخلى  و  ذلك  عن  طريق  تثبيط  و  تعطيل  و  أيقاف  عمل  المبيضين ...  و  ذلك  بأعطاء  المريضه  مـُنشط  لأفراز الجونادوتروبين  ,  هذا  العلاج  وظيفته  أن  يـُسبب  حاله  مـُشابهه  بالضبط   مثل  حاله  " ســـن  اليأس"  و  يؤدى  ذلك  الى   توقف  الدورة  الشهريه  , و  يؤدى  ذلك  أيضاَ  الى  ضُمور الغدد  الرحميه ,  سواء  كانت  هذة  الغدد  الرحميه  فى  موضعها  الطبيعى  ( بطانه  للتجويف  الرحمى) أو  كانت  فى موضعها  الغير  طبيعى  كما  فى  عضلات  جدار  الرحم  " ألأدينوميوزيس "  أو  فى    موضعها  الغير  طبيعى   أيضاً  فى  أى  مكان  آخر بالحوض و أعضاؤة  " ألأندوميتريوزيس" . فحينما  تَضمُر  هذة  الغدد الرحميه  أثناء  مدة  العلاج  وهى  تتراوح  ما  بين  3 – 6 شهور  , و  بعد  توقف  العلاج  من  المفترض  أن  تعود  الغدد  الرحميه  الموجودة  بالبطانه  الرحميه  أى  التى  فى  مكانها  الطبيعى  تعود  الى  العمل  بصورة  طبيعيه  ,  أما  الغدد  التى  فى  آلاماكن غير طبيعيه فتضمُر و  تتلاشى  و  يختفى  تأثيرها  الضار و بذلك  تفقد  ضررها  و من  المفترض  نظريا  أن  يستمر الشفاء  بأستمرار  ضمورها  ولكن  عمليا  فأن  ضمورها  هذا  غالبا  ما  يكون  وقتى  مؤقت  و تعود  للنشاط  مرة  أخرى  بعد  فترة  و بذلك  تعود  الأعراض , و  لذلك  نؤكد  ان  العلاج  العقاقيرى  مؤقتا  و ينتهى  بأيقاف  العلاج . و  فائدة  هذا  العلاج  المؤقت  أن  يريح  المريضه  من  ألآلام  المزمنه  بالحوض  و كذلك  من  النزيف  و  كثرة  الدم  المفقود  أثناء  الدورة  و غيرها ,  حيث  أن المريضه  أثناء العلاج ,  لا  يخرج  من  رحمها  أى  دم  أطلاقا  فهذة  الفترة  تجعل الطبيب  يعالج  الأنيميا  التى  حدثت  نتيجه غزارة  الطمث  و فقد  الكثير  من  الدم  سابقا.
و  مع  مميزات  هذا  العلاج  العقاقيرى  مثل  الشفاء  من  آلام  الحوض  المزمنه  و من  النزف  المهبلى  الا أنه  له  أعراض  جانبيه  أذ  أنه  يسبب حاله  مثل  حاله "  سن  اليأس " بما  فيها  من  مضايقات  مثل  الشعور  بالهبو أو الصهد  و  ضعف  عام  و  ضعف  بالعظام  و  التغييرات  الضارة  لنسب  الدهون  بالدم ...الخ ,  ولهذا  يجب  أن  يكون  هذا  العلاج  مؤقتا  فى  حدود  السته  أشهر . 
و هذا  العلاج  مفيد  فى  الحالات  البسيطه  أو  المتوسطه  لمرض " الأدينوميوزيس "  ,  أما  الحالات  الشديدة  قد  لا  تستجيب  لهذا  العلاج  .
و توجد  خبرة  جيدة  ناجحه  لدى  بعض  الأطباء  بأستخدام  علاج  مـُنشط  لأفراز الجونادوتروبين  فى  علاج  " ألأدينوميوزيس "  أذا  كانت  ألآلام  هى الشكوى  الأهم  و يستخدمون  لولب  داخل  الرحم  مليىء  و  مـُشبع  و  يحتوى  على  هرمون  البروجستيرون  ( الذى  يـُستخدم  لمنع  الحمل)  أذا  كان  النزف  و زيادة  كميه  الدم  المفقودة  كانت  هى  الشكوى الأولى  و  الأكثر  أزعاجا .
و أنه  من  المعلوم  أن  هرمون  ألأستروجين  يـزيـد  و يُكـثر من  الأصابه  عند  مَرَضْى" الأدينوميوزيس "  " ألأندوميتريوزيس " , أى  أن  هذان  المَرَضان  يَعتمِدان  فى  وجودهما  على  هرمون  ألأستروجين  ,  و أيضا  معلوم  بأن  هرمون  البروجستيرون  يضاد  هرمون  ألأستروجين و  يقلل  من  آثارة  و  بالتالى  فأن  هرمون  البروجستيرون  يقلل  و  يخفف  من  كل  من " الأدينوميوزيس "  " ألأندوميتريوزيس "  و  مما  يؤكد  هذا  المفهوم  هو  أنه  أثناء  الحمل  حيث  يزيد  هرمون  البروجستيرون  زيادة  كبيرة , فيلاحظ  أنه  أثناء  الحمل  أنه   تتحسن  و تخف   أعراض  كل  من  مَرَضْى " الأدينوميوزيس "  " ألأندوميتريوزيس " ,  و  تشعر  المريضه  الحامل  أن  أعراض  المََرضْين  قد  قلت  و  تراجعت  كثيرا  أثناء  الحمل ,  و أن  الأعراض  و  الشكوى  تعود  مرة  أخرى  مع  عودة  الدورة  الشهريه  بعد  الولادة  و  أنتهاء  الحمل .   فبعد  التأكد  من  هذا  التأثير  العلاجى  المميز  الفعال  ,  بدأ  بعض  الأطباء  فى  أستخدامه  فى  علاج  كل  من  مرضى" الأدينوميوزيس "  " ألأندوميتريوزيس "  منذ  قديم  الزمن.

و قد  يفكر ,  و يعتقد  ,  بعض  الأطباء الآن  فى  عدم  جدوى  أستخدام  علاجات  كانت  تستخدم  قديما  مثل  هرمون البروجستيرون  المُصْنع  أو  الصناعى  و  ليس  الطبيعى  ( عن  طريق  الحبوب  أو  الحقن )  أو حبوب  منع  الحمل  ,  فهذان  العقاران   فعلا   يقللان  من  وظائف المبيضين و بالتالى  يقللان  من  شدة  و  حدة  كل  من  الألم  و النزيف ,  ولكن  ثبت  أن  هذان  العقاران  لا  يفيدان  أفادة  تامه  دائمه  مقنعه  فى  جميع  حالات  علاج " الأدينوميوزيس " .

  فهناك  أتجاة  بأستخدام  هرمون  البروجستيرون  الطبيعى  و  ليس  المـُصنع  و بطريقه  تتماشى  مع  التغيرات  الطبيعيه  للهرمونات  فى  جسم  المرأة . و  بما  أنه  أثناء  الدورة  الشهريه  المنتظمه  , عندما  يزيد  أفراز  هرمون  الأستروجين   من  المبيضين  خلال  الأسبوع  ألأول عقب  بدايه  نزول  دم  الدورة السابقه  و  يظل  فى  الأزدياد  يوميا  الى  اليوم  الذى  قبل  الدورة  القادمه ,  ينخفض فى  هذا  اليوم  مستوى  الهرمون  بالدم  فينتج  عن  ذلك  نزول  الدورة  الشهريه ,  و  يبدأ  أزدياد  هرمون  البروجستيرون  من اليوم  الثانى  عشر من  بدايه  الدورة  السابقه  و من  ثم  يزداد  يوم  بعد  يوم  إلى أن  يصل  الى  اليوم  قبل  الدوره  فيقل  مستواة  جدا  فتنزل  الدورة .

و  فكرة  أستخدام  هرمون  البروجيستيرون  الطبيعى  بجرعه  ترفع  مستواة  بالدم  الى  مستوى  مماثل  للمستوى  الموجود  فى  دم  المرأة  الحامل ,  لأن  المستوى  العالى  لهرمون  البروجستيرون  الطبيعى  فى  دم  الحامل  هو  الذى  يشفيها  من  معظم  كل  من " الأدينوميوزيس "  و  " ألأندوميتريوزيس "  و  يخفف  من  أعراضهما.
 
و  لهذا  يجب  أعطاء  البروجستيرون  الطبيعى   بجرعه  تساوى  ما  هو  موجود  فى  بدايه  الحمل  و  تبدأ    هذة  الجرعات  اليوميه  أبتداء  من  اليوم  الثامن  للدورة  مستمرا الى اليوم  السادس  و العشرون  من بدايه  الدورة  هذا  فى  الدورة  المنتظمه  التى  كل  28  يوم .  و وجد  أن  هذة  الطريقه  فى العلاج  غالبا  ما  تكون  مفيدة  فى  تقليل  شدة  الأعراض و  قد  أستخدام  البروجستيرون  الطبيعى  مثل  حبوب  الـ يوتيروجيستان  فى  العديد  من  الحالات  و وجد  تحسن  ملحوظ  فى  الشفاء  من  الأعراض و بمرور الوقت  (من  أربعه  الى  سته  أشهر)  ألآلام  الشهريه  تتحسن  و كذلك  يقل معدل  النزف  و الدم  المفقود  ,  هذة  الطريقه  فى  العلاج  جديرة  بأن  تـُجرب و  تـُستعمل .
 
و بصدد  العلاج  العقاقيرى  يجب  الأبتعاد  تماما  عن  أستخدام  الأدويه  المـُخدره  و المخدرات  فى  علاج  ألآلام  المتسببه  من  هذا  المرض  و  قد  يكتفى  للألم  بنجاح  إستخدام  الباراسيتامول و الميلوكام  حبوب  أو  لبوس  شرجى  أو  حقن و  أيضاً  يمكن  أستخدام   كيتولوجين  حبوب سريعه  المفعول  أو  طويله  المفعول . 
 
ثانيا : العـلاج  الجـــراحـى :

أن  العلاج  الجراحى  الوحيد  المقبول  من  معظم  الأطباء  فى  معظم  المراكز  الطبيه  المتقدمه  بالعالم  هو...  أســتـئـصـال  الــرحــم ... أى  بأختصار  شديد  ,  أن  علاج  " الأدينوميوزيس " الذى  يسبب  الأعراض  المزعجه  مثل  آلام  الحوض  المزمنه  و  النزيف  الرحمى  و  يؤثران  على  صحه  المرأة  و  أيضا  يؤثران سلباً  على  طريقه  حياة  المريضه  وهو العلاج  الوحيد  المعترف  به  من  الجميع   هو... أستئصال  الرحم ... بعد  أن  تـُكمل  السيدة  عدد  أفراد  أسرتها  و  لا  ترغب  فى  ولادة  أطفال  بعد  ذلك .

أما  و  قد  بدأ  يلوح  فى  الأفق  بعض  طرق  جراحيه  أخرى   مازالت  محل  التقييم  و  الدراسه  و  هذة  الطرق  الجراحيه  المستحدثه  مثل أستـئصال  بؤر المرض  فى  أماكن   محددة   بجدار  الرحم . و  ذلك  بأستخدام  منظار  البطن  الجراحى ,  و  أيضا  طريقه  أخرى  و  هى  أستئصال  الجزء  العُـلوى  للجدار المبطن  للرحم  جراحياً  أعتقادا  بأن  هذا  الجزء  العلوى  هو  الذى  يعيد  نمو " الأدينوميوزيس "  فى  جدار  الرحم  و  يسبب  تكرار  و  زيادة  تكوين " الأدينوميوزيس "  بعد  العلاج  العقاقيرى  هاتان  الطريقتان  مازالتا  فى  دور  الدراسه  و  التجربه .

أما  الجراحه الأخرى التى  يتم  بها  تحطيم  الغدد  الرحميه  المبطنه  للجدار  الداخلى  للتجويف  الرحمى   بواسطه  الــكــى   سواء  بالكهرباء  أو  بالليزر عن  طريق  المنظار الرحمى  المُضيىء  فقد  ثبت  عدم  جدواها  و  فشلها  فى  علاج ... الألم ...  لسبب  بسيط   وهو  أن  هذة  الغدد  التى  تم  تحطيمها  ليست  هى  الـمُـسَـبـبه  للمرض ,  لأن  الغدد  الـمُـسـبـبـه  للمرض  موجودة  داخل  العضلات  المُكَونه  لجدار الرحم  و  ليست على  سطحه  الموجودة  كبطانه  خارجيه  و  هى  التى  يتم  كيها  و  تحطيمها , أنما  قد  تكون  هذة  الطريقه  مفيدة  جدا  أذا  كانت  الشكوى  هى... النزف...  و  زيادة  كميه  الدم  المفقودة . 

  * 2 * ألأورام  الليفيه  بالرحم :

 هى  أورام  حميدة , تنمو  أساساً  من عضلات  جدار الرحم . و تعتبر الأورام  الليفيه  أهم  و أشهر الأورام  الحميدة  فى  المرأة , و الأكثر أنتشارا أذ  قد  تصل نسبه  الأصابه  به  الى  50 %  أو  أكثر, و لكن ما  يبدين الشكوى منه حوالى من 10 %  الى  30  % , و كثيرا ما يشخص فى عمر ما بين 30  الى 45 سنه .
المرأة التى  لديها  ورم  ليفى  بالرحم  قد لا تشكو من أى  شكوى أطلاقا . و لكن الأعراض  تبدأ  بالظهور  بمرور  العمر  وقد تكون مـُحتمله و أحياناً   يتولد  شعوراً  بالأحباط و عدم  التكيف  مع  أعراضه  المزعجه . أن الأورم  الليفيه  هى  أورم  حميدة  بالعضلات و تختلف  أحجامها  من حجم  دقيق  ميكروسكوبى  الى  أحجام  مثل  الليمونه  و  البرتقاله  و التفاحه  و الكنتالوبه  و أحيانا  يمكن البطيخه . وغالبا  ما  تكون  تغذيتها  بالدم  غزيرة .

لقد  أجريت  كثير من  الأبحاث  لمعرفه  خصائص  و طبيعه  و  مواصفات  المرأة  التى  تكون  أكثر عرضه  للأصابه  بالأورام  الليفيه  فوجدت  الآتى  :
* فى  معظم  الأحيان , تحدث  الأصابه  أثناء  عمر الأنجاب  للمرأة  ( من20 – 50 سنه) .
*ألمرأة من الجنس الأفريقى – آلامريكى  أكثر من الأجناس الأخرى عـُرضه للأصابه  بالأورام  الليفيه .
*المرأة  ذات  الوزن  الزائد  أو ذات  سـمنه  أكثر عرضه  للأصايه  من  المرأة  النحيفه.
*المرأة التى  قل  أو  أنعدم   حملها  و ولادتها  تزيد  نسبه  أصابتها  , و يقــل  تعرضها  للأصابه  بالأورام  الليفيه  كلما  زاد  عدد  مرات  الحمل  و الولادة. 

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و لكن أين ينمو الورم الليفى فى جدار الرحم  ؟  فقد تم  تقسيم  الأورام  الليفيه  طبقا  لوضعها  أو  مكانها بالنسبه  لجدار الرحم , فأول  هذة  الأنواع  ,  فهى  الأورام  الليفيه التى تنمو قرب السطح الخارجى  للرحم أى تحت الغشاء البريتونى الذى يغطى السطح الخارجى للرحم و هذا النوع  من  الأورام  الليفيه ليس  له  علاقه  بتجويف  الرحم لأنه ببساطه  بعيدا عن التجويف  الرحمى . و ثانى  هذة الأنواع  هو الأورام  الليفيه التى  تنمو فى  جدار الرحم  نفسه  و لكن  قريبه جدا من  التجويف  الرحمى  و غالبا ما تكون بارزة  بداخله , أى أن  الأورام  الليفيه  تكون  تحت  البطانه  الرحميه  مباشرة  و دافعه  لها  داخل  التجويف  الرحمى  أحيانا . أما  ثالث هذة  الأنواع  ( و الأخير)  و نمو الأورام  الليفيه  فى  مكان  بين  المكانين  السابقين , أى  فى  وسط  سُـمك  الجدار الرحمى , أى لا  يـُعتير  تحت  السطح  الخارجى  للرحم  ,  كذلك  لا  يـُعتبر  تحت  غشاء  البطانه  الرحميه .

و لكن  ما هى  أعراض  الأصابه  بالأورام  الليفيه  التى  تشعر  بها  المرأة :

* الدورة الشهريه غالبا ما تكون غزيرة الدم لدرجه انه قد توصف بأنها  نزيف , ويكون معدل  فقد الدم  كثيرا سواء كان ذلك عن طريق التدفق الكثير للدم أو عن طريق أستطاله مدة  أو أيام الدوره , أى ان الدم  المفقود بهذة الدورة  تكون أضعاف كميه الدم  المفقودة  بالدورة للمرأة التى ليس  لديها  أورام  ليفيه . و كذلك يصاحب نزول الدورة  آلامـاَ غير  طبيعيه  و تكون أيام الدورة الشهريه مؤلمه مع  وجود الأورام الليفيه image3.

أنيميا ( وذلك بسبب كثرة الدم المفقود) و ما  يتبع  ذلك  من  ضعف و  وهن .  

* و قد تشتكى المرأة من نزول دم ( سواء كان كثيرا أو قليلا ) ما بين الدورة الشهريه و الأخرى , أى نزول دم فى اوقات غير معتادة  للدورة  ,  أى وجود  دم  بين  الدورات.
* أحيانا تسبب الأورام الليفيه  عقم  و أجهاض متكرر , لعيوب فى التصاق البويضه المـُلقحه  بتجويف الرحم .
* شعور المرأة  بآلامتلاء  و  الثقل  و الألم  المبهم  الغير محدد  بالضبط , كل  ذلك فى منطقه الحوض ( أسفل البطن )   .
* قد تشتكى المرأة  من  مشاكل  فى  التبول , نتيجه  ضغط  الورم  الليفى على  المثانه  البوليه و الحالبين .
* وكذلك قد تشكو من أمساك و أنتفاخ بالبطن .
* و قد تشكو المرأة  من آلام  أثناء  المعاشرة  الزوجيه
آلام  مزمنه  بالبطن و الحوض . *
* آلام  مزمنه  بأسفل  الظهر .  

image4و لكن مـا أسباب تكون الأورام الليفيه:

لا أحد  يعرف  بالضبط  أو على سبيل اليقين , ما الأسباب  التى  تؤدى الى  تكوين أو نمو الورم  الليفى . و لكن بعض النظريات تؤيد أن  تكوينه  نتيجه  تداخل  بعض  العوامل  مع بعضها  البعض , و أن  من هذة  العوامل , الهرمونات  مثل  هرمون  الأيستروجين ,  و عوامل  وراثيه  ( لأن  مرض  الأورام الليفيه  يجرى  فى  بعض  الأُسـر  فقد  نجدة  عند  الجدة  و آلام  و الحفيدة ) , وقد يوجد عوامل  بيئيه , وتزداد  نسبته  بوجود  العوامل  الثلاثه  مجتمعه  معاَ . و أن كنا لا نعرف  يقينا  ما  أسباب  نموة , و لكن  نعرف  على  وجه  اليقين  أنه  فى  الغالب يضمـُر و يصغر فى  سن  اليأس  للمرأة .

هل  يتحول  الورم  الليفى الى  ورم  خبيث ؟؟ , فمن  المعلوم  أنها  دائماَ  و أبداَ  , أنها  أورام  حميدة  , وتحولها  الى أورام  خبيثه  شيىء  نادر الحدوث  ( أقل  من  واحد  لكل  الف  حاله ) ,  أى  أن  القاعدة  العامه  السائدة  هى  أن الأورم  الليفيه  لا تتحول أبداً الى مرض  سرطانى  خبيث.

وسائل التشخيص :
وسائل التشخيص للأورام  الليفيه عديدة , بعض منها غير جراحى , أهمها الموجات الفوق الصوتيه , و موجات الرنين المغنطيسى و الأشعه المقطعيه و أحيانا الأشعه السينيه . والبعض الآخر من وسائل التشخيص هو جراحى  مثل :

* منظار  البطن التشخيصى  : وهو جراحه  يجريها  الطبيب ,  تحت  مخدر عام , يتم  فيها  , عن طريق  فتحه  صغيرة  بجلد  البطن على  الحرف  أو  الحافه  السفلى  للسرة  ( طول  الفتحه  حوالى  و احد  سنتيميتر)  و من ثم  أدخال أنبوب  معدنى  قطرة  ( 1 سم )  مثبت  به  كاميرا   صغيرة  و  ضوء  قوى ,  فينقل  صورة  طبيعيه  لكل  ما  هو  موجود  بداخل  الحوض  و  البطن  على  شاشه  كبيرة  خارجيه  و  بذلك  يتم معرفه  كل  ما  بداخل  الحوض  و  أعضائه .

* المنظار الرحمى  المـُضيىء :  هو أجراء  جراحى  ,  يجريه  الطبيب ,  بأدخال  أنبوب  معدنى  رفيع  ( 4 ميلليميتر أو أقل ) للدخول  الى  داخل  التجويف  الرحمى  عن  طريق  المهبل  , لأكتشاف  ما  بداخل  التجويف الرحمى  و ما  أذا  يوجد  أورام   ليفيه  أم  لا .

عـلاج الأورام الـلـيـفـيـه

قبل  تفصيل  طريقه  العلاج  لكل  أمرأة  ,  يجب  النظر لعدة  أعتبارات  مهمه  لـتـُساعد  فى  أختيار  أنسب  طـُرق  العلاج , و من  ضمن  هذة  الأعتبارات :
*  هل  يوجد  أى  أعراض  مع  وجود  الأورام  الليفيه أم لا يوجد  أعراض .
*  هل  المرأة  تريد  حملاً  مستقبلا .
*  حجم  الورم  الليفى , أعداد  الأورام  الموجودة  و حجم  كل  منها .
*  مكان  الورم  الليفى  فى  الرحم  . هل  هو  قريب  من  الطبقه  المـُبطنه  للتجويف الرحمى  أم  انه  قريب  من  السطح  الخارجى  البريتونى  للرحم  ,  أم  بينهما  داخل  الجدار الرحمى . 
* عمر المرأة  ذات  الورم  الليفى , من العوامل  و الأعتبارات  المهمه  فى  تحديد  العلاج .
فمثلا  ,  ورم  ليفى  صغير لأمرأة  صغيرة  فى  العمر و بلا أعراض  و تتطلع  مستقبلا الى  أن  تكون حامل , فلا علاج  لها .

أنواع العلاج :

** العلاج الطبى بالعقاقير
أذا  كانت  الأعراض  التى  تعانى  منها  المريضه  بسيطه  فـَيَـكـتـفى الطبيب بأعطاء أدويه للتغلب على الألم الموجود , مثل " الأبيوبروفين " و الـ " الأسيتامينوفين " هذا  أذا كان الألم  بسيطا , أما  أذا  تحول الألم  الى صورة  أشد  و أسوأ  فيعدل  العلاج  الى مضادات الألم الأقوى , مثل  لورنوكسيكام  ( زيفو)  .
و هناك  أدويه  أخرى  لعلاج  الأورام  الليفيه مثل " جونادو  تروبين  ريليزينج  آجونيستس "  وتعمل هذة  الأدويه  على  أيقاف  عمل  المبيضين  فيتوقف  أفراز هرمون  الأستروجين  مما  يؤدى  هذا  الى تقليل  حجم  الورم  الليفي   (لأنه يكبر بتأثير هذا  الهرمون )  فتقل  الأعراض  التى  تشكو منها المريضه ,  و قد  تستخدم  هذة  الأدويه  الأخيرة  قبل  جراحه  أستئصال  الورم  الليفى  لتقليل  حجمه  لتسهيل  أستخراجه ,  و تقليل  كميه  الدم  المفقودة   أثناء  العمليه  الجراحيه , و لكن  لهذا  العقار بعض الأعراض  الجانبيه  مثل  الأكتئاب  ,  شعور المرأة  بالهبو و الصهد  و السخونه  نتيجه  دخول  المريضه  لسن  اليأس  مبكرا ,  و أرتباك  فى  النوم  و فى  الأداء  الجنسى , و  كذلك  آلام  بالمفاصل  , و لذلك  , نظرا  للأعراض  الجانبيه  فأنه  يستخدم  لفترة  قصيرة . و أيضا  يوجد  بعض  العلاجات  الجديدة  وهى عبارة  عقاقير مضادة  للهرمون  و تـؤدى الى  توقف أو تباطؤ نمو الورم الليفي . جميع هذة  الأدويه  ذات  تأثير مؤقت  فى  علاج  الأعراض  و  بمجرد  أن  يوقف  العلاج  تعود الأعراض  مرة  أخرى .

**  العلاج الجراحى

أذا  كانت  أعراض  الأورام  الليفيه  متوسطه  أو  شديدة ,  فى  هذة  الحاله  تكون  الجراحه  هى  الوسيله العلاجيه  الوحيدة  المناسبه. والطرق الجراحيه  العلاجيه  متنوعه و منها :
 أستئصال الورم  الليفى  فقط . و فى هذة  الطريقه  يتم  أستئصال الأورام الليفيه  دون أستئصال أى جزء سليم من أنسجه الرحم . و يوجد عدة  طرق لأجراء هذة الجراحه تتوقف على  نوع  و موضع  و حجم  الورم الليفى , و على  كل  حال  فهى  عمليه   كـُبرى  عن  طريق  فتح  البطن  و  نسبه   تـكـرار  تكوين  أورام   ليفيه  جديدة  بعد  العمليه  عاليه  فقد  تصل  الى 15 الى  25  % .

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أستئصال الرحم , و فى هذة الحاله  يتم أستئصال  الرحم  نفسه بكل ما يحتويه من أورام ليفيه و بذلك  نضمن  أستئصال  جميع  الأورام  اليفيه  الحاليه و المستقبليه و كذلك  نضمن أختفاء  جميع  الأعراض  و الشكاوى  الناتجه عن  الأورام  الليفيه .  
و غالبا  تـُجرى هذة  الجراحه  عندما  تكون الأورام  الليفيه  كبيرة  فى  الحجم  أو  متعددة  ,  شديدة الأعراض ,  و المرأة  قاربت         ( على  وشك )  الدخول  فى  مرحله  سن  اليأس أو بعدة , و عدم  وجود  رغبه  فى  الحمل . و تـُجرى  هذة  الجراحه عن  طريق  فتحه  بالبطن  , و لكن أحيانا  يتم  أستئصال الرحم  عن طريق  المهبل و دون  فتح  البطن  و هذا  ممكن  أذا  كان  الرحم  مع  الأورام  الليفيه  معا  ذو حجم   صغير أى لا  يتجاوزا حجم  الرحم  عند 10 – 12 أسبوع  أثناء  حمل .
# تحطيم  الغشاء  الداخلى  المبطن  لجدار الرحم المسئول عن نزول الدورة الشهريه  الزائدة  و كذلك مسئول  عن  النزيف  الرحمى , و يتم  تحطيم  هذا  الغشاء  بالـكى و أيضا  أزاله  الأورام الليفيه  التى  توجد  تحت الغشاء  الداخلى  المبطن  للتجويف  الرحمى  بواسطه  الكى  و ذلك  عن  طريق  المهبل  بواسطه  المنظار المخصص  لتشخيص  و أجراء  الجراحات  داخل  الرحم .
# و يوجد  طريقه  جراحيه جديدة  و غير منتشرة ( و غير عمليه  للآن ) و هى  أدخال  أبرة  عن طريق  فتحه  صغيرة  بالبطن  و يتم  بهذة الأبرة  كى  كهربائيا  الشرايين و الأوردة  الخاصه  بالأورام  الليفيه  لتحطيمها  و بذلك  يتم  سدها  و قفلها  و بذلك يمنع  عن الأورام  الليفيه  التغذيه ,  فتضمر و تصغر  فتقل  شدة  الأعراض .

** العلاج  بأحداث  جلطه  فى  الشرايين  الخاصه  بالأورام  الليفيه
 
فهذة  الجلطه  تقفل  الشرايين  و بذلك   تقطع  الدم  الواصل  الى  الأورام  الليفيه  لتغذيتها , و بذلك   تضمر الأورام   و  تصغر .

و  تـُجرى  هذة  العمليه  فى  قسم  الأشعه  و بأستخدام  أحدث  أجهزة  التصوير  بالأشعه  و كذلك  تحت شاشات  الملاحظه  و أجهزة  المتابعه  الدقيقه  لكل  و ظائف  الجسم  أثناء  العمليه ,  و تجرى هذة  العمليه  تحت  مـُخدر  نصفى , و  تتم   بأدخال  قسطرة  خاصه  مـُخـَصـصه  لهذا  الغرض , يتم  أدخالها  عن  طريق  أحد  أهم  و  أكبر الشرايين و هو "  شريان  الفيمورال "  و  هو يوجد   فى  أعلى  الفخذ  من  آلامام  و  يتم  أدخال  القسطرة  فى  هذا  الشريان  فى  المنطقه  ما  بين  أعلى  الفخذ  و أسفل  الحوض , و تـُدفع هذة  القسطرة  لتسير داخل  شبكه  الشرايين  حتى  تصل  القسطرة  الى  الشريان  الرحمى  الذى  يـُغذى  الرحم  و  من  ثــَم  تصل  الى  الشريان  الـمُـغذى  للورم  الليفى ,  و من  ثم  تحقن  أولاً  صبغه  تسير  فى  شرايين  الحوض  لـتـُبين  مـسارها  و كذلك  مـسار  الشرايين  الخاصه  بالورم  الليفي ,  لمعرفه المـسار و الموقع  الدقيق  للشرايين  التى  يجب  أحداث  جلطه  بها  لسدها  و  قفلها  ,  و يتم   ذلك  عندما  تصل  القسطرة  الى  هذة  الشرايين  الرحميه  يتم  الحقن  بداخلها  بمادة  مُـخصصه  لـقـفـل  الشريان  و  سدة  و هذة  المادة  هى  "  بولى  فينيل " و تحقن عن طريق  القسطرة  و تحت  المتابعه  بالشاشه  الخاصه  بجهاز الأشعه ,  التى  تُظهر  مسار  القسطرة  و  تحدد  مكان  جميع  الشرايين  بالحوض . و هذة  الطريقه  ثبت  أنها  مُمكن  أن  تكون  بديلا  مـُقنعا  لجراحه أستئصال  الورم  الليفى  أو  أستئصال  الرحم  نفسه  بالأورام  الليفيه  حيث  أن  فترة  النقاهه  بعد  هذة  الطريقه  الجديدة  أقل  و أخف  و أيسر من فترة  النقاهه  بعد  أجراء  جراحتى أستئصال الأورام الليفيه  أو استئصال  الرحم . و  قد لاتحتاج  لنقل  دم   كما  فى  هاتان  الجراحتين التان  يحدث بهما  فقد  للدم  قد  يكون  كثيرا ,  و  لكن  مازات  هذة  الطريقه  فى  بدايتها  و  تحت  الدراسه. و تستطيع المريضه أن تـُغادر المستشفى  لبيتها  فى  نفس اليوم  و ذلك  عكس  المدة  الطويله  المطلوبه  لأقامه  المريضه  بالمستشفى  بعد أى من  الجراحتين . و تجرى  للأورام  الكبيرة  المـُسببه  آلاماً  نتيجه  الضغط  على  المثانه  البوليه  و المستقيم  و هذة  المريضه  لا  تريد  أجراء  جراحه  بفتح  البطن , أو غير لائقه  طبيا  لأجراء  جراحه  كبرى 

و أيضا  من  مميزات  عمليه  أحداث  جلطه  بالشريان  المغذى  للورم  الليفى  , هو  علاج  جميع  الأورام  فى  نفس  الوقت  و بالحد  الأدنى  بالتدخل  الجراحى  مع الحد  الأدنى  بحدوث  مضاعفات , مع  ضمان  عدم عودة  الأورام  الليفيه مرة  أخرى  , و قد  تـُجرى  تحت  تخدير  نصفى  ( أيبى ديورال)  و  ليس  تحت  تأثير  التخدير  الكلى  كما  فى  الجراحات  المعتادة  . أما الأعراض     التى  قد  نواجهها  أثناء  معالجه  الأورام

الليفيه  بأستخدام  طريقه  أحداث  جلطه  بالشرايين  المغذيه  لها ( لمنع  الدم  المغذى  الواصل  لها ,  فتكش  و  تنكمش  و تضمر  و  تصغر  حجما  , فيؤدى  ذلك  الى  زوال  الأعراض  و  شعور  المريضه  بالراحه ) ,                                                                                    
  من هذة  ضمن  الأعراض  الجانبيه  أن  حوالى 10 – 15 %  من  الحالات  لا  تنجح  العمليه  فى  أحداث  الجلطه  بالشرايين  المغذيه  بالرغم  بأن العمليه  نجحت  تكنيكيا  , و قد  تشكو  المريضه  من  مغص  و  تقلصات  بالحوض  لعدة  أيام  بعد  العمليه  , و من  ضمن  عيوب هذة  الطريقه  انه  أثناء  أجراءها  لا  يمكننا  أخذ  أنسجه   من  الأورام  لتحليلها  لمعرفه  هل  يوجد  تغييرات  خبيثه (  سرطانيه ) قد  حدثت  بالورم  الليفى أم  لا . و  نظرا  لحداثه  هذة  العمليه  فأن  أقصى  مدة  لمتابعه  المريضات  الآتى  أجرى  لهن  أحداث  أو عمل  جلطه  بالشريان  الـمُـغذى  للأورام  الليفيه  لا تتجوز  العشرة  سنوات  و تلك  مدة  قد  تكون  مدة   بسيطه  لمتابعه  المرضى  للحكم  على  كفاءة  هذا  الأجراء  الجراحى .
و أيضاً  ألمخاطر  التى  يمكن  أن  تتعرض  لها  المرأة  التى  يـُجرى  لها  أحداث  جلطه  بالشريان  كعلاج  للأورام  الليفيه , منها  أن  1 %  منهن  يضطر الأطباء  الى  أجراء  أستئصال  للرحم . و أيضا  1 %  منهن  يحدث  لهن  فشل  مبكر  لوظائف  المبيضين  أى دخول  المرأة  مبكراً  فى  مرحله  سن  اليأس  للمرأة !! .

و  يجب  ألا تـُجرى  هذة  العمليه ( و هى أحداث  جلطه  بالشرايين) فى  حالات  معينه ,  و من ضمنها  المريضات  الآتى  يجب  عدم  أجراء  هذة  العمليه  لهن ,  هن  المريضات  الآتى  ليس  لديهن  شكوى  من  وجود  الأورام  الليفيه أى  بأنهن  فعلا  ثبت  أن  لديهن  أورام   ليفيه  ولكن  لا  يـُعانين  من  أى  شكوى  ,  و لذلك  يجب  ألا يـُجرى  لهن  أى  أجراء  جراحى  , وكذلك  يجب  ألا  تـُجرى  للمريضات  ألاتى  يشتبه  -  مجرد  أشتباة – وجود  تغيرات  خبيثه  بالورم , و كذلك لا  تـُجرى  الى  كل  من  المريضات  ألاتى  لديهن  التهابات  بالحوض  و  كذلك  السيدات  الحوامل  و ألاتى  على  وشك  الدخول  لسن  اليأس  أو من  دخلن  به  فعلا ,  جميع  هؤلاء  لا يـُجرى  لهن هذا  الأجراء  الجراحى .

 

*  3  *   الزوائد  اللحميه  بالرحم :

أنها  عبارة  عن  نتوءآت  و  ثنيات  ,  نتيجه  نمو  زائد  و غير  طبيعى  , للجدار  المبطن  للرحم  , و  تتصف  هذة  النتوءآت  بكونها  لينه  ( غير صلبه )  و ناعمه  و  ملساء ,  و  تنمو  الى  داخل  التجويف  الرحمى  ,  و  مع  أن  مُعدل  نموها  بطيىء  جدا  ,  ألا  أنها  قد  تصل  الى  حجم  كبير  تملأ  به  معظم  تجويف  الرحم  و  أحيانا  تزداد  فى  الحجم  لدرجه  خروجها  أو بروزها  من  فتحه  عنق  الرحم  , و أحيانا  يزداد  حجمها  أكثر  فقد  نراها  بارزة  من  المهبل  الى  الخارج .

أعراض  وجود  الزوائد  اللحميه  بتجويف  الرحم :
-  شعور  بالثقل  و ألآلام  المزمنه  بالحوض  و غالبا  ما  تكون  هذة  ألآلام  على  هيئه  تقلصات .
-  نزول  دم  مهبلى  و  يكون  بسيط  و على  هيئه  نقط ,  و خاصه  بعد  الجماع  او  التشطيف  المهبلى  بالدش  المهبلى  و هذا  النزيف  أو  التنقيط  غير مرتبط  بالدورة  الشهريه  أى  فى  أى  وقت .  و  يكون  النزيف  أكثر  عند  ألتواء  أو  تقرح  أو وجود  ألتهابات  الزوائد  اللحميه .
-  الدورة  الشهريه  تطول  فى  المدة  و  تكون  غزيرة  فى  كميه  الدم .
-  قد  تتسبب  هذة  الزوائد  اللحميه  فى  تأخير  الحمل  أو  منعه .

التشخيص  :
يمكن  تشخيص  الزوائد  اللحميه  الرحميه  بمعرفه الأعراض  و الشكوى  مع  الفحص  الموضعى  مع  الفحص  بالموجات  الفوق  صوتيه  ,  و أحيانا  يستخدم  منظار  الرحمى  المضيىء  و  هو  منظار  على  شكل  أنبوب  رفيع  يدخل  داخل  التجويف  الرحمى  لتصوير  ما  بداخل  التجويف  الرحمى  و  تنتقل  الصورة  الى  شاشه  كبيرة  ليتسنى  للطبيب  أن  يرى  بمنتهى  الوضوح  كل  ما  بداخل  التجويف  الرحمى .
الـــعـلاج : 
الأختيار  الأول  للعلاج  ,  هو  أستئصال  هذة  الزوائد  اللحميه  الرحميه  جراحيا .

 

  سـقــــوط  رحــمــى  و  مـهـبـلى    

 

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  * 4  *  سـقــــوط  رحــمــى  و  مـهـبـلى  :

أن  الرحم  و المثانه  البوليه  مثبتين  فى  مكانهما  الطبيعى  بالحوض ,  مباشرة  فوق  نهايه  الطرف  الداخلى  للمهبل  و  يتم  التثبيت  بواسطه عضلات  و أربطه  بالحوض . و  أذا  تقطعت أو ترهلت هذة  العضلات  و  الأربطه  بالحوض  ,  فيتراخى  التثبيت  و يؤدى  ذلك  الى  هبوط  أو  سقوط  الرحم  و المثانه  البوليه  ,  و  يكون  سقوطهما  عن طريق  دفع  جدار  المهبل  لداخل  تجويفه  فيحدث  أنبعاج  لجدار المهبل  آلامامى  مدفوعا  بسقوط  جزء  من  المثانه  البوليه ,  و  يحدث  أنبعاج  للجدار الخلفى  للمهبل  مدفوعا  بسقوط  جزء  من  جدار  المستقيم  الشرجى ,  أما  سقوط  الرحم  فهو  سقوط  من  أعلى  ,  فيسقط  الطرف  الأعلى  الداخلى  للمهبل  و معه  الرحم  و يُحس  عنق  الرحم  بأعلى  المهبل ,  فى  مستوى  أسفل  مما  يُـحس  فى  الوضع  الطبيعى . و أذا  أزدادت  الحاله  سوءا  و زاد  السقوط , فقد  نرى  كل  من الجدار  المهبلى  آلامامى  و وراءة  المثانه  البوليه ,  و الجدار الخلفى  للمهبل  و  وراءة   جزء  من المستقيم   و كذلك  عنق  الرحم  ,  قد  نراهم  خارجين  من  فتحه  المهيل ,  و  خاصه  مع  الحَـزق ,  و أحياناً  قد  نرى  الرحم  كله  خارجا  من  فتحه  المهبل .
و  من  أهم  أسباب  ضعف  و  ترهل  و  تهتك  العضلات  و الأربطه  التى  تثبت هذة  الأعضاء  بالحوض  هو  عمليه  الولادة  الطبيعيه ,  و  تكرار  الولادات  هى  السبب  الرئيسى  لسقوط  الأعضاء عند  المرأة .  و  من  النادر  تجد  السـقـوط   بين  الس